पूंजीवादी प्रोसेसिंग सिस्टम की सच्चाई

आजकल पूंजीवादी प्रोसेसिंग सिस्टम द्वारा जो बादाम , नारियल आदि का तेल निकलता है वह बादाम नारियल आदि को पीसकर नहीं निकाला जाता ।बल्कि बादाम , नारियल आदि को हेक्सन नमक हानिकारक केमिकल   में डाल दिया  जाता है । इन चीजों में तेल होता है जैसे मूंगफली, तिल, नारियल, अलसी, बादाम,  आदि । थोड़ी ही देर में यह केमिकल उसमें जितना भी तेल है उसे निकालकर बाहर कर देगा । मान लीजिए आपने मूंगफली के दाने डालें हैं तो मूंगफली के अंदर जितना भी तेल है यह केमिकल उसको निकाल कर बाहर कर देगा और आपकी मूंगफली वैसे की वैसी ही रहेगी ।। इस केमिकल युक्त  तेल को एकत्र करके बढ़िया प्लास्टिक की पैकिंग में advertisement के द्वारा आधुनिकता की आड़ में माधुरी की फोटो लगाकर पढ़े लिखे मूर्खो को बेचा जाता है । इस आधुनिक पूंजीवादी प्रक्रिया से जो तेल निकलता है  उसके सारे तत्व नष्ट हो जाते हैं। इस हेक्सान नामक केमिकल द्वारा के तेल निकालने की प्रक्रिया से पूंजीवादी कंपनीज़ को यह लाभ होता है कि को बादाम ,नारियल आदि बच जाते हैं उसको बाज़ार में फिर बेच दिया जाता हैं । तभी आपने notice किया होगा कि बाज़ार में जो बादाम , नारियल आदि मिलते हैं वह थोड़े से सिकुड़े होते हैं ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उन बादामों में से तेल निकाल लिया जाता है । इस पूंजीवादी प्रोसेसिंग सिस्टम से जो तेल मिलता है वह भी किसी काम का नहीं । जो बादाम ,नारियल आदि मिलते हैं वह भी बेकार हैं । इस पूंजीवादी प्रोसेसिंग सिस्टम का उपभोक्ता को कोई लाभ नहीं । लाभ होता है तो केवल पूंजीवादी कंपनीज को । यही विकास जीडीपी हैं ।
विकल्प
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तेल
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साबुत नारियल , बादाम जोकि अपने प्राकृतिक आवरण में हों उनमें से बादाम ,नारियल निकाल कर या तो किसी स्वदेशी सनातन प्रोसेसिंग सिस्टम जैसे चोटी तेल निकालने वाली चक्की पर अपने आंखों के सामने निकलवा लें ,या घर में किसी तेल निकालने वाले यन्त्र से निकाल लें ।
बादाम ,नारियल
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साबुत नारियल , बादाम जोकि अपने प्राकृतिक आवरण में हों उनको ही खरीदें 

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